साधारण प्रश्न

अधिकतर पूछे जाने वाले सवाल

  • विकल्प - एक सीधे तौर पर फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट जो कि किसी भी एसेट से जुड़ा हो सकता है (ये स्टॉक, मुद्रा जोड़े और तेल आदि हो सकता है)
    डिजिटल विकल्प- किसी निश्चित समय मे किसी असेट के मूल्य में होने वाले बदलाव से लाभ कमाने का एक नॉन-स्टैंडर्ड विकल्प है।
    भुगतान के समय पार्टियों द्वारा तय किए गए शर्तो पर ही डिजिटल विकल्प निर्भर करता है, जो कि पार्टियों द्वारा निर्धारित किया जाता है और एक निश्चित कमाई (ट्रेड इनकम और सम्पति के दाम में अंतर) या नुकसान (एसेट के कीमत की राशि मे) को लाता है।
    चूँकि डिजिटल विकल्प को एक निश्चित दाम में पहले से ही खरीदा जा चुका है, लाभ का आकार, साथ ही नुकसान का आकार भी ट्रेड के पहले ही पता चल जाता है।
    इन डील्स का एक और गुण है समय सीमा। सभी विकल्प का अपना अलग शर्त है। (अनुभव का समय या सम्पूर्ण होने का समय)
    किसी ली गयी सम्पति के मूल्य के बदलाव की डिग्री के संदर्भ में (ये कितना बढ़ या घट जाएगा), जीतने की स्थिति में एक निश्चित राशि का भुगतान किया जाएगा। हालाँकि, आपके रिस्क की राशि सिर्फ़ तय किये गए विकल्प के अनुसार ही सीमित है।

  • एक विकल्प ट्रेड करने के लिये ये आवश्यक है कि आप एक वैकल्पिक एसेट का चुनाव करें जो कि विकल्प को प्रदर्शित करे। आपका अनुमान इसी एसेट पर लागू होगा।
    आसान भाषा मे, डिजिटल कांट्रैक्ट को लेने का मतलब है कि आप किसी लिए गए एसेट के मूल्य में होने वाले बदलाव पर दांव खेल रहे हैं
    एक लिया गया एसेट एक "आइटम" है जिसका दाम खाते में ट्रेड को समाहित करते समय लिया जा सकता है। डिजिटल विकल्प के रूप में अधिकृत किए गए एसेट में ज्यादातर सबसे ज्यादा माँग वाले प्रॉडक्ट ही काम करते हैं। इसके कुल 4 प्रकार है:
    • सिक्योरिटी (दुनिया भर की कम्पनियों के शेयर)
    • मुद्रा जोड़े (EUR / USD, GBP / USD आदि)
    • कच्चा माल और महँगी धातुएँ (तेल और सोना इत्यादि)
    • अन्य ( S&P 500, डॉ, डॉलर सूचकांक आदि)
    दुनिया भर में चलने वाला एसेट मौजूद नहीं है। इसे खुद की जानकारी समझ और विभिन्न तरह के आँकड़े ध्यान में रखते हुए चुनिए, और साथ ही इसे चुनने से पहले बाजार को भी अच्छे से समझने का प्रयास कीजिये।
  • सच्चाई ये है कि डिजिटल विकल्प फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट के वित्तीय समझौते का सबसे आसान तरीका है। डिजिटल विकल्प के माध्यम से पैसे कमाने के लिए आपको पहले से ही मार्किट के प्राइस का अनुमान लगाने की जरूरत नहीं है।
    ट्रेडिंग प्रक्रिया का सिद्धान्त सिर्फ़ एक अकेले टॉस्क के हल पर सीमित है- किसी भी एसेट का दाम कांट्रेक्ट टाइम के खत्म होने के समय घटेगा या बढ़ेगा
    इस विकल्प का प्रभाव ये होता है कि इससे आपको कोई मतलब नहीं है, की जिस समय ट्रेड क्लोज हो रहा है उस वक्त आपके द्वारा अधिकृत किये गए एसेट का मूल्य 100 अंक तक बढ़ा हुआ है या फिर एक ही अंक पर रुका है। आपके लिए बस ये करना आवश्यक है कि आप मूल्य की दिशा का पहचान कर के रखें।
    अगर किसी भी परिस्थिति में आपका अनुमान सही साबित होता है तो आपको इल्ड निश्चित राशि का लाभ दिया जाता है।
  • डिजिटल विकल्प के बाजार मे लाभ कमाने के लिये, आपको बस इस चीज का बिल्कुल सही अनुमान लगाना है कि आपके द्वारा चुने गए एसेट का मूल्य किस दिशा में बढ़ेगा या घटेगा। इसलिए एक बेहतर कमाई के लिए आपको जरूरत है:
    • खुद की ट्रेडिंग स्ट्रेटजी का विकास करने की, जिसमें अनुमान लगाए गए नम्बर सही साबित हो,
    • अपने रिस्क को कम करने का प्रयास करें।
    डेवलपमेंट स्ट्रेटजी में, यहाँ तक कि बेहतर परिवेश को समझने के लिए मार्किट की समझ, डेटा को समझना और पढ़ना
  • हाँ। अपनी ट्रेडिंग स्किल को और बेहतर बनाने के लिए आप कम्पनी के ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर एक डेमो खाते का इस्तेमाल कर सकते हैं। (बिना किसी शुल्क के) ये एक तरह की ऐसी सुविधा है जो कि आपको पहले इस्तेमाल करने और फिर विश्वास होने के बाद वास्तविक ट्रेडिंग में उतरने की सहूलियत देता है। इस तरह के डेमो खाते अनुभवी ट्रेडर्स के लिए भी स्किल को बेहतर करने के लिए काफी मदद करते हैं।
    इस तरह के खाते का बैलेंस 10,000 यूनिट होता है।
  • कम्पनी अपने ग्राहकों से ही कमाई करती है। इसलिए, ये ग्राहकों द्वारा लाभ कमाए गए पैसे के ट्रांजेक्शन में अपना हिस्सा ज्यादा लेती है, नुकसान में हुए ट्रांजेक्शन की तुलना में, वास्तविक रूप से क्लाइंट द्वारा ट्रेडिंग की सफल स्ट्रेटजी का इस्तेमाल कर के कमाए गए लाभ में कम्पनी का भी प्रतिशत होता है।
    इसके साथ ही, कम्पनी के ट्रेड वॉल्यूम में से क्लाइंट द्वारा लिए गए ट्रेड को, जो कि किसी दलाल को या बदलाव के लिये ट्रान्सफर किया जाता है, जो कि वास्तविक मुद्रा देने वाले के पास पहुँचता है, जो कि साथ मे मिलकर बाजार में वास्तविक मुद्रा को खुद ही बढ़ा देता है।
  • आप अपने व्यक्तिगत खाते को खाते की भीतर जाकर प्रोफ़ाइल पेज में नीचे दिए गए "खाता मिताएँ" के विकल्प पर क्लिक कर के खत्म कर सकते हैं।
  • निष्क्रिय होने की तिथि का मतलब उस समय से है, जिसके बाद ट्रेड को पूरा होना (बन्द होना) समझा जाएगा, और इसका परिणाम स्वतः ही दिखाई देने लग जाता है।
    ट्रांजेक्शन के निष्पादित होने के समय को सुनिश्चित कीजिये (1 मिनट, 2 घंटे, महीने इत्यादि)
  • ट्रेडिंग प्लेटफार्म- एक ऐसा सॉफ्टवेयर जो कि क्लाइंट को विभिन्न फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट का इस्तेमाल करते हुए ट्रेड करने की सहूलियत देता है। इसके साथ ही ये कई सारी जानकारियों को जैसे कि कोटेशन, वास्तविक समय मे बाजार की स्थिति, कम्पनी के एक्शन आदि के बारे में भी बताता है।
  • डिजिटल विकल्प के मार्किट में तीन तरह के सम्भावित परिणाम हासिल हो सकते हैं:
    1) किसी इवेंट में अगर आपके द्वारा लिए गए एसेट के मूल्य में होने वाले बदलाव का अनुमान आपने सही लगाया है तो फिर आपको लाभ हासिल होगा।
    2) यदि किसी स्थिति में आपके द्वारा एसेट के मूल्य के उतार चढ़ाव के ऊपर लगाया गया अनुमान गलत साबित होता है तो फिर आपके एसेट की कीमत के अनुसार ही आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है(वास्तव में, आप सिर्फ़ अपना निवेश ही खो सकते हैं)
    3) अगर ट्रेड का रिजल्ट जीरो आता है (लिये गए एसेट का मूल्य नहीं बदलता है, ये अभी भी उसी मूल्य पर है जिस पर इसे खरीदा गया था), आपको निवेश किया गया मूल्य मिल जाता है। अतः हमेशा रिस्क आपके द्वारा निवेश किये गए एसेट की कीमत पर निर्भर करता है।
  • नहीं, ये आवश्यक नहीं है। आपको बस कम्पनी के वेबसाइट पर खुद को पंजीकृत करते हुए एक व्यक्तिगत खाता खोलना है।
  • पहले से ही, एक ट्रेडिंग खाता यूएस डॉलर में खोला जाता है। लेकिन आपकी सुविधा के लिये, आप विभिन्न खातें अलग-अलग मुद्राओं में खोल सकते हैं।
    क्लाइंट खाते के प्रोफ़ाइल पेज में मौजूदा सभी मुद्राओं का विकल्प लिस्ट आपको मिल जाएगा
  • कम्पनी के ट्रेडिंग खाते के प्लेटफॉर्म का फायदा ये है कि इसमें आपको अधिक धनराशि अपने खाते में जमा करने की आवश्यकता नहीं है। आप छोटी धनराशि जमा कर के भी ट्रेडिंग शुरू कर सकते हैं। न्यूनतम जमा की जाने वाली राशि 10 यूएस डॉलर है।